(संवाददाता NewsExpress18)
देहरादून। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी विकास गर्ग ने आज सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा आजादी के बाद देश को राष्ट्रीयता के एक सूत्र में पिरोने वाले लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की आज 146वीं जयंती है। सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) के रूप में मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मनाया गया था। सरदार पटेल आजादी के बाद देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी थे।

विकास गर्ग ने कहा राष्ट्रीय एकता दिवस 2021 के मौके पर जानते हैं सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें
1- सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई की और वापस आकर अहमदाबाद में वकालत करने लगे थे। इस दौरान आजादी की लड़ाई जोर पकड़ रही तो पटेल भी महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर वह भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में कुद पड़े।
2-स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल का पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष में था। उन्होंने 1928 में हुए बारदोली सत्याग्रह में किसान आंदोलन का सफल नेतृत्त्व भी किया।
3- लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे।
4- स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने 562 छोटी-बड़ी रियासतों का भारतीय संघ में मिलाकर एक भारत राष्ट्र का निर्माण कराया।
5- महात्मा गांधी ने सरदार पटेल को लौह पुरुष की उपाधि दी थी।
6- गुजरात में नर्मदा के सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर (597 फीट) ऊंची लौह प्रतिमा (स्टैचू ऑफ यूनिटी) का निर्माण किया गया। यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसे 31 अक्टूबर 2018 को देश को समर्पित किया गया। अमेरिका की स्टेचू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई केवल 93 मीटर है।
7- यह सरदार पटेल का ही विजन था कि भारतीय प्रशासनिक सेवाएं देश को एक रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाने पर कापी जोर दिया। उन्होंने सिविल सेवाओं को स्टील फ्रेम कहा था।
8- बारडोली सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की थी।
9- किसी भी देश का आधार उसकी एकता और अखंडता में निहित होता है और सरदार पटेल देश की एकता के सूत्रधार थे। इसी वजह से उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
10- सरदार पटेल जी का निधन 15 दिसंबर, 1950 को मुंबई में हुआ था। सन 1991 में सरदार पटेल को मरणोपरान्त ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
भाजपा नेता वरिष्ठ समाजसेवी विकास गर्ग ने कहा सरदार वल्लभभाई पटेल की देश के प्रति प्रेम, समर्पण, भावनाएं लोगों को जागरूक करने की क्षमता उनमें थी आज के समय वही क्षमता माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के व्यक्तित्व में झलकती है।
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