शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की बंसल:
शामली। नरेंद्र मोदी सेना सभा रजिः द्वारा शहीद दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया
जिसमें सभी कार्यकर्ताओं ने शहीदों की याद में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कमल बंसल ने बताया आज आजाद भारत के लिए खास दिन है जिसे इतिहास के पन्नों में हमेशा याद किए जाने की जरूरत है । देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी सपूतों ने अपने प्राण हसतें हसतें न्योछावर कर दिये। कई बार जेल गए, अंग्रेजों की प्रताड़ना झेली लेकिन हार नहीं मानी और ब्रिटिश हुकुमत को देश से बाहर निकालने का प्रयास जारी रखा। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।
जिस उम्र में बच्चे किताबें और फोन तक सीमित है उस उम्र में उन्होंने आजादी का सपना देखा था।
शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु युवाओं के लिए आदर्श और प्रेरणा है। उन्हें लाहौर षड़यंत्र के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी। 24 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी दी जानी थी लेकिन अंग्रेजी हुकूमत उन्हें फांसी के फंदे पर लटकाने को लेकर भी खौफ में थी कि देशवासी उनके शहीद होने पर आक्रोशित हो जाएंगे। ऐसे में तीनों वीर सपूतों को एक रात पहले ही चुपके से फांसी दे दी गई। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। आज उनकी पुण्यतिथि है।
देश के नौजवान साथियों को उनसे प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रहित में सर्वप्रथम रहना चाहिए
इस दिन को भारत के वीर सपूतों के बलिदान की याद में मनाते हुए शहीद दिवस के तौर पर मनाते है
इस अवसर पर मौजूद रहें:- मोनू नामदेव, रवि कंकरवाल,अलकेश
उपाध्यय, सोनू गोयल, रजत निरवाल, बंटी संगल, दीपक गोयल, अंकित सोहेल आदि।।