देहरादून। बजरंग दल द्वारा संचालित साप्ताहिक मिलन केंद्र, घंटाघर स्थित प्राचीन शिव-हनुमान मंदिर प्रांगण में साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राम भक्तों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नीरज व सुधीर प्रजापति द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित राम भक्तों ने भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन श्री हनुमान जी के जयकारों के साथ कार्यक्रम को भक्तिमय वातावरण प्रदान किया।
इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए प्रांत मिलन प्रमुख, बजरंग दल विकास वर्मा ने कहा कि सनातन धर्म के भीतर कोई गूढ़ रहस्य नहीं, बल्कि यह एक सरल, सहज और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने की पद्धति है। सनातन हमें प्रकृति, पर्यावरण, परिवार, समाज और समस्त जीव-जगत के प्रति प्रेम एवं सम्मान का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम अपने बच्चों और युवा पीढ़ी को केवल सनातन के बारे में बताएं ही नहीं, बल्कि उसके संस्कारों और जीवन मूल्यों को अपने व्यवहार में भी उतारें। घर-घर धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण बने, बच्चों को रामायण, महाभारत और हमारे महान संतों एवं महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा मिले तथा समाज में सेवा, सद्भाव, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो—इसी दिशा में हम सभी को कार्य करना चाहिए।
वर्मा ने कहा कि साप्ताहिक हनुमान चालीसा पाठ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज को एकजुट करने, संस्कारों से जोड़ने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम भी है। जब परिवार के बुजुर्गों के साथ माताएं-बहनें और छोटे-छोटे बच्चे भी श्रद्धा एवं पवित्र भाव से हनुमान चालीसा पाठ में सम्मिलित होते हैं, तो यह हमारी आने वाली पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनता है।
कार्यक्रम में उपस्थित रामभक्तों मे व्यवस्था प्रमुख अमन राजवंशी, हनुमान सेना अध्यक्ष राजेश सोमवंशी, नीरज शर्मा, विशाल वाल्मीकि,हर्ष सहगल, करणवीर, शुभम चौहान, सौरभ गौतम, सक्षम गुर्जर, हरीश सेठ्ठी, हरीश पन्नू,अनिल चौहान, विजय गुप्ता, अशोक अग्रवाल, अनिता चौहान, पिंकी भल्ला, संदीप वाधवा,विवेक शर्मा, आदित्य वाधवा, पल्लव वर्मा,एवं छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में भाग लिया। पूरा घंटाघर प्रांगण भगवान श्रीराम और श्री हनुमान जी के जयकारों से गूंज उठा।
