Mc Donald’s, KFC आदि रैस्टोरैन्ट की फ्रैन्चाईज़ी दिलाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधडी

Mc Donald’s, KFC आदि रैस्टोरैन्ट की फ्रैन्चाईज़ी दिलाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधडी

देहरादून। एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था जिसमें देहरादून निवासी शिकायतकर्ता के साथ इसी प्रकार की घटना घटित हुयी थी जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा KFC रेस्टॉरेंट की फ्रैंचाइजी लेने हेतु ऑनलाइन गूगल में सर्च करना जिस पर KFC की वेबसाइट पर जाकर ईमेल inquiry के माध्यम से अपनी रिक्वेस्ट दर्ज करवाना जिस पर ईमेल info@kfcfranchises.co.in से शिकायतकर्ता की मेल आईडी पर एक रिप्लाई आना, जिसके द्वारा स्वंय को KFC की रजिस्टर्ड पार्टनर Sapphire Foods India Ltd बताकर फ्रेंचाइजी रजिस्ट्रेशन की फीस, सिक्योरिटी डिपोसिट, लाइसेंस नंबर इत्यादि का विवरण हेतु एप्लीकेशन फॉर्म ईमेल के माध्यम से भेजना, तत्पश्चात उक्त अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपराधिक षडयन्त्र रचकर विभिन्न मोबाईल नम्बरों से शिकायकर्ता को कॉल कर KFC का Employee बनकर शिकायतकर्ता को KFC की झूठी FRANCHISEE देने के नाम पर ऑनलाईन कुल 24,30,500/- रुपये धोखाधड़ी की गयी ।

जिसके आधार पर साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0स0 03/2023 धारा 420 ,120बी भादवि व 66 आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया । जिसकी विवेचना निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला के सुपुर्द की गयी । अभियोग की विवेचना के दौरान यह भी संज्ञान में आया कि अभियुक्त गण द्वारा गैंग के रूप में कार्य कर फेक वैबसाईट बनाकर फ्रैन्चाईज़ी देने के नाम पर सम्पूर्ण भारत के भिन्न-भिन्न राज्यो में धोखाधड़ी की जा रही है, जिस सम्बन्ध में अन्य राज्यों से शिकायतों के लिंक भी प्राप्त हुए हैं । उक्त अभियोग के अनावरण हेतु विवेचक निरीक्षक श्री त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 द्वारा एक पुलिस टीम का गठन किया गया ।

उक्त टीम द्वारा देश के विभिन्न राज्यो में अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु लगातार दबिश दी गयी तथा अभियुक्तो के सम्बन्ध में सूचना संकलित की गयी तो जानकारी प्राप्त हुयी कि उक्त घटना को कारित करने वाले अभियुक्तगण को वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा अपने यहाँ पंजीकृत अभियोग में गिरफ्तार किया गया ।

तथा उक्त अभियुक्त गण के विरुद्व अभियोग पंजीकृत होने के कारण अभियुक्त वर्तमान में सैन्ट्रल जेल दुर्ग छत्तीसगढ़ में निरुद्व होना पाया गया । जिस पर विवेचक द्वारा मुकदमा उपरोक्त में अभियुक्त गण की संलिप्ता के आधार अभियुक्त गण के विरुद्व वारंट बी प्राप्त किया गया । तथा अभियुक्त गण को सैन्ट्रल जेल दुर्ग छत्तीसगढ़ से लाकर न्यायिक अभिरक्षा रिमाण्ड प्राप्त कर जिला कारागार देहरादून में दाखिल किया गया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *